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भावनात्मक जागरूकता क्या है और यह आपके जीवन के लिए क्यों ज़रूरी है?
कभी-कभी दिन के बीच में अचानक सीने में एक अजीब सी भारीपन महसूस होने लगती है, या फिर बिना किसी बड़ी वजह के छोटी-सी बात पर बहुत ज़्यादा झुंझलाहट होने लगती है। जब कोई हमसे पूछता है कि "क्या हुआ?" तो अक्सर हमारे पास कहने के लिए बस एक ही शब्द होता है—"पता नहीं, बस ठीक नहीं लग रहा।"
be&one
2 अग॰5 मिनट पठन


रिश्तों में इमोशनल इंटेलिजेंस कैसे बढ़ाएं: गहरे जुड़ाव की ओर छोटे कदम
कई बार किसी करीबी बातचीत के दौरान अचानक ऐसा मोड़ आ जाता है जहाँ शब्द कम पड़ जाते हैं या उनके मायने बदल जाते हैं। आपका पार्टनर कुछ कहना चाहता है, लेकिन आप कुछ और समझ बैठते हैं। यह अनुभव किसी भी रिश्ते में बेहद स्वाभाविक है। जब हम किसी से गहराई से जुड़ते हैं, तो सिर्फ हमारे विचार ही नहीं, बल्कि हमारी भावनाएं भी एक-दूसरे से टकराती हैं। ऐसे समय में हमें किसी जादुई समाधान की नहीं, बल्कि एक ऐसी समझ की जरूरत होती है जो हमें और हमारे अपनों को बिना किसी शर्त के स्वीकार कर सके।
be&one
12 जुल॰4 मिनट पठन
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